बीसवीं सदी के महान शायर “सारे जहाँ से अच्छा हिंदुस्तान हमारा” के लेखक अल्लामा इकबाल की यौमे पैदाइश(जयन्ती) पर उन्हे याद कर खिराज-ए-अक़ीदत पेश की गई
आज रविवार अपराह्न 1.30 बजे मशाल रोड स्थित कांग्रेस कैम्प कार्यालय मे उर्दू डे पर कांग्रेस ने एक सेमिनार आयोजित किया।
सेमिनार मे बीसवीं सदी के महान शायर अल्लामा इकबाल की यौमे पैदाइश पर उन्हे खिराज-ए-अक़ीदत पेश करतें हुए काग्रेस के जिला उपाध्यक्ष मुशीर इकबाल ने कहा कि अल्लामा इकबाल की यौमे पैदाइश को पूरा विश्व उर्दू डे के रूप मे मनाता है आज ही के दिन 9 नवम्बर 1877को अविभाजित भारत के सियालकोट मे पैदा हुए थे जो अब पाकिस्तान में है ।
अल्लामा इकबाल के वंशज कश्मीरी ब्रहमण थे।वह “सारे जहाँ से अच्छा हिंदुस्तान हमारा” के लेखक है ।
काग्रेस जिला उपाध्यक्ष मसूद आलम ने कहा कि अल्लामा इकबाल की यौमे पैदाइश को उर्दू डे के रूप मे मनाया जाता है उर्दू जबान हमारे मुल्क हिन्दुस्तान की ज़बान है यह ज़बान एक शिरीन ज़बान है इस ज़बान को ज्यादा से ज्यादा फरोग(बढ़ावा) दिय़ा जाना चाहिए ।
जिला महासचिव स्वालेह अंसारी ने कहाकि यह ज़बान भारतीय है इसकी उत्पत्ति हिन्दुस्तान में हुई ।और इसकी परवरिश भी अपने मुल्क मे हुई है । आज उर्दू भाषा कई दूसरे मुल्क में भी बोली जाती है
डाक्टर प्रकोष्ठ कांग्रेस के ज़िला चेयरमैन डाक्टर महेन्द्र यादव ने उन्हे याद कर खिराज -ए-अक़ीदत पेश करते हुए कहाकि उर्दू भाषा भारतीय है इस भाषा को आम करने की जरूरत है यह एक ऐसा मधुर भाषा है इसको बोलने वाला दूसरो को अति शीघ्र प्रभावित कर लेता है तथा उसकी समाज मे एक प्रभावशाली व्यक्तित्व की छाप बन जाती है
इस मौके पर आज़ाद हुसैन अंसारी ने अल्लामा इकबाल की शेअर से उन्हे नज़राना पेश करते हुए उर्दू पर कई अशहार पढ़ा और और आख़िर मे सारे जहाँ से अच्छा हिन्दुस्तां हमारा पढ़कर कर मौजूद लोगो मे हिब्बुल वतनी के जज़्बे से सराबोर कर दिया ।
अल्पसंख्यक कांग्रेस नेता इज़हार अहमद अंसारी ने कहा कि शायर मशरिकी अल्लामा इकबाल की कई अशआर आज भी नौजवानों का हौसला अफजाई करती है ।मुल्क़ मे कोई भी राजनीतिक , सामाजिक व धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन हो उसमे उनके शेअर को जरूर लोग पढते है
इस मौके पर खास तौर से,मुश्ताक अहमद अंसारी,आफताब आलम, मोहम्मद असलम शेख, इरफान अहमद अंसारी, मोहम्मद आज़म, राजू बिन्द, राज कुमार गौतम, नदीम अहमद,आतिफ हुसैन सहित अन्य मौजूद रहे।