गीता का संदेश बना जीवन का मार्गदर्शन – बीके उषा
भदोही, उत्तर प्रदेश। आध्यात्मिकता, भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों का संगम उस समय देखने को मिला जब श्रीमद्भगवद् गीता पर आधारित त्रिदिवसीय कार्यक्रम “जीवन का आधार — गीता का सार” का शुभारंभ भव्यता और श्रद्धा के साथ ब्लेसिंग गार्डन, रामरायपुर, भदोही में हुआ। यह कार्यक्रम 7 नवंबर से 9 नवंबर तक, प्रतिदिन शाम 5 से 7 बजे तक आयोजित किया जा रहा है।
कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय परंपरानुसार तिलक, पुष्पगुच्छ और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। आध्यात्मिक प्रेरणा स्रोत बीके उषा दीदी जी ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया और उपस्थित जनसमूह को गीता के दिव्य संदेश से प्रेरित किया।
इस अवसर पर भदोही विधायक श्री ज़ाहिद बेग, औराई विधायक श्री दीनानाथ भास्कर, तथा पूर्व विधायक श्री रवींद्र नाथ त्रिपाठी,विमला बरनवाल सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
अपने प्रेरक उद्बोधन में उषा दीदी जी ने कहा कि श्रीमद्भगवद् गीता केवल धर्मग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन का मार्गदर्शन करने वाला प्रकाशस्तंभ है। जब हम इसके सिद्धांतों को अपने जीवन में उतारते हैं, तब जीवन में न केवल शांति बल्कि आत्मबल और सफलता भी प्राप्त होती है।
उपस्थित जनसमूह को प्रेरित करते हुए कहा कि गीता हमें आत्म-बल, धैर्य और कर्मयोग का मार्ग दिखाती है। जब मनुष्य अपने कर्मों को ईश्वरार्पण की भावना से करता है, तब उसका जीवन स्वतः ही सुंदर और सफल बन जाता है। आज की पीढ़ी को गीता के इन संदेशों को अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए।
पूरे वातावरण में भक्ति, सकारात्मकता और आध्यात्मिकता की अद्भुत ऊर्जा व्याप्त रही। श्रोताओं ने गीता श्लोकों और प्रेरक कथाओं के माध्यम से आत्मिक शांति का अनुभव किया।
कार्यक्रम के आगामी सत्रों में गीता के सार, कर्मयोग, आत्म-संयम और सकारात्मक जीवन दर्शन पर गहन प्रवचन होंगे।
इस आयोजन का उद्देश्य समाज में नैतिक मूल्यों, आध्यात्मिक जागृति और मानवता के उत्थान का संदेश प्रसारित करना है, ताकि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में गीता के उपदेशों को अपनाकर एक उज्जवल और शांतिपूर्ण समाज की स्थापना कर सके।